Romantic Shayari in Hindi Part 1

मेरे वजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आइना और तू नजर आये,
तू हो सामने और वक्त ठहर जाए,
और तुझे देखते हुए जिंदगी गुज़र जाए।


हक़ीक़त ना सही तुम ख़्वाब बन कर मिला करो,
भटके मुसाफिर को चांदनी रात बनकर मिला करो।


जाने उस शख्स को कैसा ये हुनर आता है,
रात होती है तो आँखों में उतर आता है,
मैं उस के ख्यालों से बच के कहाँ जाऊं,
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है।


अल्फाज़ की शक्ल में एहसास लिखा जाता है,
यहाँ पर पानी को प्यास लिखा जाता है,
मेरे जज़्बात वाकिफ से है मेरी कलम भी,
प्यार लिखूं तो तेरा नाम लिखा जाता है।

 
 
धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।
 
 
 
संगमरमर के महल में तेरी तस्वीर सजाऊंगा,
मेरे इस दिल में ऐ सनम तेरे ख्वाब सजाऊंगा,
आजमा के देख ले तेरे दिल में बस जाऊंगा,
प्यार का हूँ प्यासा तेरे आगोश में सिमट जाऊॅंगा।
 
 
नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।
 
 
घायल कर के मुझे उसने पूछा,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर
होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।
 
 
 
नहीं है अब कोई जुस्तजू इस दिल में ए सनम,
मेरी पहली और आखिरी आरज़ू बस तुम हो।
 
 
 
मुझको फिर वही सुहाना नजारा मिल गया,
इन आँखों को दीदार तुम्हारा मिल गया,
अब किसी और की तमन्ना क्यूँ मैं करूँ,
जब मुझे तुम्हारी बाहों का सहारा मिल गया।
 
 
 
चूमना क्या उसे आँखों से लगाना कैसा,
फूल जो डाल से गिर जाये तो उठाना कैसा,
अपने होंठों की हरारत से जगाओ मुझको,
यूँ सदाओं से दम-ए-सुबह जगाना कैसा।
 
 
 
अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,
हर खवाब मे बुलाया है तुझे,
क्यू न करे याद तुझ को,
जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे........!!!
 
 
 
हम तो तेरी आवाज़ से प्यार करते हैं,
तस्सवुर में तेरे तन्हाइयों से प्यार करते हैं,
जो मेरे नाम से तेरे नाम को जोड़े ज़माने वाले,
उन चर्चों से अब हम प्यार करते हैं।
 
 
मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम,
तुम से ही तो मैं हूँ , मेरी पहचान हो तुम,
मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो तुम,
सच मानो मेरे लिए तो सारा जहां हो तुम।
 
 
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
 
 
मैने कब तुझसे ज़माने की खुशी माँगी है,
एक हल्की-सी मेरे लब पे हँसी माँगी है,
सामने तुझको बिठाकर तेरा दीदार करूँ,
जी में आता हैं जी भर के तुझे प्यार करूँ।
 
 

तेरे खामोश होंठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है,
तू मेरा है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है।
 
 
अजब मौसम है, मेरे हर कदम पे फूल रखता है,
मोहब्बत में मोहब्बत का फरिश्ता साथ चलता है,
मैं जब सो जाऊँ, इन आँखों पे अपने होंठ रख देना,
यकीं आ जायेगा, पलकों तले भी दिल धड़कता है।
 
 
जिंदगी बन गए हो तुम मेरी,
आरजू बन गए हो तुम मेरी,
मेरा खुदा माफ़ करे मुझे,
बंदगी बन गए हो तुम मेरी।
 
 
तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने
 

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